कानपुर। यूपी पंचायत चुनाव रिजल्ट 2021 Live Update: उत्‍तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गए हैं। हर विकासखंड पर हर घंटे नतीजों की घोषणा होगी। मतगणना लंबी चलेगी व अंतिम परिणाम सोमवार शाम तक आने की उम्‍मीद जताई जा रही है। प्रदेश में सोमवार शाम तक 38,317 ग्राम प्रधान, 23,2612 ग्राम पंचायत सदस्य तथा 55,926 क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए हैं। साथ ही 181 जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए हैं। मतगणना मंगलवार भी जारी रहने की उम्‍मीद है।

प्रयागराज में मतगणना के दौरान धांधली के आरोप पर बवाल, तोड़फोड़ और फायरिंग
प्रयागराज में पंचायत चुनाव के लिए रविवार से चल रही मतगणना के दौरान सोमवार को हंडिया में मामला बिगड़ गया। धांधली को लेकर दो पक्ष भिड़ गए। बवाल शुरू कर दिया। लोगोंं ने पहले एक दूसरे पर और फिर पुलिस टीम पर पथराव करने लगे। पुलिस वालों की गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर उपद्रवियों पर काबू किया।

उन्‍नाव में पूर्व एमएलसी की पत्नी शकुन सिंह 27 सौ मतों से जीतीं
उन्नाव में 51 जिला पंचायत सीट के परिणाम घोषित हो गए हैं। यहां भाजपा समर्थित 9 प्रत्याशी जीते, जबकि सपा समर्थित 16 की जीती हुई है। निर्दलीय 10 जीते हैं। उन्नाव में जिला पंचायत सदस्य के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में जिले की चर्चित सीटों में एक फतेहपुर चौरासी तृतीय का चुनाव परिणाम आ गया। इसमें पूर्व एमएलसी स्व. अजीत सिंह की पत्नी शकुन सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पुष्पा वर्मा को करीब 27 सौ मतों से हरा दिया है। यह सीट इसलिए भी काफी चर्चा में थी क्योंकि भाजपा ने पहले यहां से सजायाफ्ता पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष संगीता सेंगर को उम्मीदवार घोषित किया था। बाद में उनका टिकट रद्द कर दिया गा था।

उन्‍नाव में कुलदीप सेंगर के हाथ से फिसला माखी
उन्नाव जिले में माखी दुष्कर्म कांड के कारण चर्चा में आई माखी ग्राम सभा सजायाफ्ता पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के हाथ से फिसल गई। इस बार पंचायत चुनाव में उनके चिरप्रतिद्वंदी शिशुपाल सिंह ने ग्राम प्रधान की सीट पर कब्जा कर लिया है। इससे पहले उनके अनुज अतुल सिंह की पत्नी प्रधान थी। काफी समय से इस सीट पर उनके परिवार का ही कब्जा रहा है। इस बार उनके परिवार से कोई भी चुनाव मैदान में नहीं था। यहां पर शिशुपाल सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी राम मिलन यादव को 2213 मतों से पराजित किया।

रामपुर में शादी के मंडप से सीधे ही जीत का सर्टिफिकेट लेने पहुंची नवविवाहिता
रजा लाइब्रेरी के लिए विख्यात रामपुर में उस समय हलचल मच गई जब लाल जोड़े में एक दुल्हन मतगणना स्थल पर पहुंच गई। ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव जीतने की सूचना पर वह विवाह के मंडप से सीधा मतगणना स्थल पहुंची। लाल जोड़े में आभूषणों से सजी-धजी दुल्हन मतगणना केंद्र पर पहुंच गई जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया लेकिन जब वहां पर लोगों को यह पता चला कि दुल्हन बीडीसी सदस्य के लिए चुनाव में खड़ी हुई थी और उसकी जीत हुई तब हर कोई उसकी किस्मत की दाद देने लगा।

हाथरस में देवरानी पर भारी पड़ी जेठानी:
जिला पंचायत सदस्य पद के लिए मतदान में बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे रामवीर उपाध्याय की पत्नी सीमा उपाध्याय ने अपनी सगी देवरानी और भाजपा समर्थित ऋतु उपाध्याय को वार्ड नम्बर 12 से पराजित किया। यहां पर सीमा उपाध्याय को 12022 वोट मिले तो दूसरे नम्बर पर निर्दलीय प्रत्याशी क्षमा शर्मा 5394 वोट मिले। बसपा प्रत्याशी मधु चौधरी 4532 वोट के साथ तीसरे और भाजपा समर्थित ऋतु उपाध्याय 2309 मतों के साथ चौथे स्थान पर रहीं।

कानपुर में पूर्व विधायक की बहू प्रधान पद का चुनाव हारीं
बता दें कि कानपुर में बिठूर विधानसभा क्षेत्र से सपा से विधायक रहे मुनींद्र शुक्ला की बहू वेद शुक्ला चौबेपुर के पेम ग्राम पंचायत से प्रधान पद का चुनाव हार गई हैं। यहां से सात महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरी थीं। निवर्तमान प्रधान वीरेंद्र कुमार की पत्नी कंचन कुरील ने 473 मतों से पूर्व विधायक की बहू को हरा दिया है।

प्रयागराज और मिर्जापुर में प्रधानी की रेस में वोट टाई होने पर पैदा हुई अजीब स्थिति
यूपी पंचायत चुनाव रिजल्‍ट के दौरान कई जिलों में वो नजारा देखने को मिला जब मुकाबला टाई होने पर लॉटरी डालकर विजेता चुने गए। जिसमें भाग्‍यशाली उम्‍मीदवार जीते। बता दें कि प्रयागराज में सोरांव के करौदी गांव में प्रधान पद की रेस में दो उम्‍मीदवार बराबरी पर बैठे। ऐसे में यहां जीत हार का फैसला करने के लिए टॉस का सहारा लेना पड़ा। यहां राजबहादुर और भुंवरलाल दोनों को 170 मत मिले। इसके बाद आरओ सुरेश चंद्र यादव ने टॉस कराया। भुंवरलाल टॉस जीतकर करौंदी के प्रधान बन गए। कुछ ऐसा ही नजारा मिर्जापुर में देखने को मिला।

मिर्जापुर में वोट टाई होने के बाद लॉटरी डालकर चुना गया प्रधान
यूपी पंचायत चुनावों की मतगणना के दौरान मिर्जापुर जिले में अजीब स्थिति पैदा हो गई, जब कोन ब्लॉक के मिश्रधाप ग्राम पंचायत में प्रधान पद का फैसला लाटरी से हुआ। दो प्रत्याशी अजय मिश्रा और शशि मिलन यादव को बराबर 161-161 वोट मिले। इसके बाद रिटर्निंग अफसर ने सभी की राय से फैसला किया कि पर्ची निकालकर विजेता चुना जाए। अजय मिश्रा और शशि मिलन यादव की मौजूदगी में कृपाल सिंह ने लाटरी की पर्ची निकाली। इसमें शशि मिलन यादव की किस्मत बुलंद थी और उनको प्रधान घोषित किया गया।

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मुलायम सिंह के गांव सैफई में आजादी के बाद पहली बार मतदान
यह सुनकर चौंकिए मत, कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के होम टाउन इटावा के सैफई में आजादी के बाद पहली बार मतदान हुआ। बता दें कि इससे पहले मुलायम सिंह यादव के दोस्त दर्शन सिंह यादव निर्विरोध प्रधान बनते थे, पिछले साल उनका निधन होने से सीट रिक्‍त हो गई थी। इस बार सीट आरक्षित थी और मुलायम सिंह यादव के समर्थित प्रत्‍याशी रामफल वाल्मीकि ने एकतरफा जीत दर्ज की। यहां पर 1971 से मुलायम के दोस्त दर्शन सिंह यादव लगातार सैफई गांव के प्रधान निर्वाचित होते रहे थे।

मैनपुरी में प्रत्‍याशी को मौत के बाद मिली जीत
यूपी पंचायत चुनाव परिणाम के दौरान मैनपुरी से खबर है कि यहां पर कुरावली ब्लाक की ग्रामसभा नगला ऊसर से पिंकी देवी ने 115 वोटों से ग्राम प्रधान का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने निवर्तमान प्रधान चंद्रावती को हराया है। बता दें कि पंचायत चुनाव के दौरान ही पिंकी बीमार हो गईं थीं। इस दौरान उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर उनकी मौत हो गयी थी। अब वो प्रधान चुन ली गई हैं, ऐसे में ग्रामसभा नगला ऊसर में दोबारा चुनाव कराया जाएगा।

कानपुर में किन्नर काजल किरण बनीं ग्राम प्रधान
उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में कानपुर नगर के बिधनू ब्लाक में किन्नर काजल किरण ने ग्राम प्रधान के पद पर जीत हासिल की है। बता दें कि बिधनू विकास खंड के सेन पश्चिम पारा ग्रामपंचायत से किन्नर काजल किरण ने प्रधान पद के लिए जीत दर्ज कराकर गांव की राजनीति में झंडा फहरा दिया है।

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कोरोना का साया
बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच उत्‍तर प्रदेश में त्रिस्‍तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना हो रही है। राज्‍य के 75 जिलों में मतगणना के लिए 829 केंद्र बनाए गए हैं जहां जिला पंचायत, बीडीसी, ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्‍यों के 12,89,830 उम्‍मीदवारों के भाग्‍य का फैसला होना है। कोरोना संकट को देखते हुए मतगणना कर्मचारियों, प्रत्‍याशियों व उनके एजेंटों के लिए तय कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराया जा रहा है। जिसमें थर्मल स्‍कैनिंग, मास्‍क व सैनिटाइजेशन शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को पंचायत चुनाव की मतगणना पर रोक लगाने या आगे बढ़ाने से इंकार के बाद वोटों की गिनती का रास्‍ता साफ हो गया था। कोर्ट ने कोविड प्रोटोकॉल का सख्‍ती से पालन सुनिश्चित करने व मतगणना केंद्र के बाहर सख्त कर्फ्यू और कोई विजय जुलूस न निकालने का भी आदेश दिया है।

4 चरण में हुए उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव
उत्‍तर प्रदेश में त्रिस्‍तरीय पंचायत चुनाव चार चरण में हुए। पहले चरण का मतदान 15 अप्रैल को अंतिम व चौथे चरण का मतदान 29 अप्रैल को हुआ। अब तक कई उम्‍मीदवार व मतदान कर्मी कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आए हैं।

मतदान प्रतिशत में गिरावट
साल 2015 के मुकाबले इस बार त्रिस्‍तरीय पंचायत चुनाव में मतदाताओं के उत्‍साह में कमी देखी गई। इसकी वजह कोरोना संक्रमण को माना जा रहा है। जहां पिछली बार पंचायत चुनाव में 75 प्रतिशत औसत मतदान रिकार्ड किया गया था। वहीं इस बार प्रथम चरण के 18 जिलों में महज 71 फीसद मतदान हुआ वहीं तीसरे चरण में 73 प्रतिशत मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का उपयोग किया।

13 सूत्री गाइडलाइन
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को मतगणना कराने के लिए 13 सूत्री गाइडलाइन प्रेषित की है। साथ ही इस पर कड़ाई से अमल कराने की हिदायत भी दी गई है। मतगणना केंद्रों पर सैनिटाइजेशन के विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं साथ ही स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा प्रबंध चाक चौबंद रखने को कहा गया है।

Kanpur Panchayat Chunav Result 2021

Gorakhpur Panchayat Chunav Result 2021

Varanasi Panchayat Chunav Result 2021