Tokyo Olympics : बजरंग पुनिया की सेमीफाइनल में हार, अब भी ब्रांज मेडल की उम्मीद बरकरार
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टोक्यो (पीटीआई)। भारत की युवा महिला बाॅक्सर लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा) ने शुक्रवार को क्वाॅर्टर फाइनल में जीत दर्ज कर सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया है। इसी के साथ लवलीना ने भारत के लिए एक मेडल पक्का कर लिया है। सेमीफाइनल में प्रवेश करने के लिए लवलीना ने चीनी ताइपे की पूर्व विश्व चैंपियन निएन-चिन चेन को हराकर भारत को मौजूदा ओलंपिक खेलों में अपना पहला मुक्केबाजी पदक सुनिश्चित किया।

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असम की पहली महिला मुक्केबाज
असम की 23 वर्षीय मुक्केबाज ने अंतिम चार में जगह बनाने के लिए 4-1 से जीत हासिल की, जहां वह सेमीफाइनल में मौजूदा विश्व चैंपियन तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली के खिलाफ उतरेंगी, जिन्होंने अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में यूक्रेन की अन्ना लिसेंको को हराया था। दो बार की विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता लवलीना ने प्रतिद्वंद्वी के सामने जबरदस्त खेल दिखाया। बता दें लवलीना पहले भी अपने प्रतिद्वंदी को हरा चुकी है।

गोल्ड पर नजर
लवलीना ने 2018 में अपनी पहली विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद अगले साल एक और कांस्य पदक जीता।
वह दो बार की एशियाई चैंपियनशिप की कांस्य-विजेता भी हैं। भारत के पिछले मुक्केबाजी पदक विजेंदर सिंह (2008) और एम सी मैरी कॉम (2012) के माध्यम से आए हैं। उन दोनों ने कांस्य पदक जीते थे और बोर्गोहेन इससे बेहतर की तलाश में होंगी। लवलीना सेमीफाइनल में जीत जाती हैं तो वह फाइनल में पहुंच जाएंगी जहां उन्हें हारने पर भी सिल्वर और जीतने पर गोल्ड मिलेगा।