नई दिल्ली (एएनआई)। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) योजना के बारे में और जागरूकता पैदा करने के लिए गुजरात राज्य में एक जन भागीदारी कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को गुजरात में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गुजरात सरकार ने हमारी बहनों, हमारे किसानों, हमारे गरीब परिवारों के हित में हर योजना को सेवाभाव के साथ ज़मीन पर उतारा है। आज गुजरात के लाखों परिवारों को पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत एक साथ मुफ्त राशन वितरित किया जा रहा है।

ये योजना दिवाली तक चलने वाली है

पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद से ही करीब-करीब हर सरकार ने गरीबों को सस्ता भोजन देने की बात कही थी। सस्ते राशन की योजनाओं का दायरा और बजट साल दर साल बढ़ता गया, लेकिन उसका जो प्रभाव होना चाहिए था, वो सीमित ही रहा। इसका एक बड़ा कारण था- प्रभावी डिलिवरी सिस्टम का ना होना। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि आज 2 रुपये किलो गेहूं, 3 रुपये किलो चावल के कोटे के अतिरिक्त हर लाभार्थी को 5 किलो गेहूं और चावल मुफ्त दिया जा रहा है यानि इस योजना(PM गरीब कल्याण अन्न योजना) से पहले की तुलना में राशनकार्डधारियों को लगभग डबल मात्रा में राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। ये योजना दिवाली तक चलने वाली है।

5 किलो प्रति व्यक्ति अतिरिक्त खाद्यान्न

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधान मंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना एक खाद्य सुरक्षा कल्याण योजना है जिसकी परिकल्पना प्रधानमंत्री द्वारा कोविड-19 के आर्थिक प्रभाव को कम करने में सहायता प्रदान करने के लिए की गई थी। पीएमजीकेएवाई के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आने वाले सभी लाभार्थियों को 5 किलो प्रति व्यक्ति अतिरिक्त खाद्यान्न दिया जाता है। पिछले वर्ष लगभग 948 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न आवंटित किया गया था जो कि कोविड के दौरान खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सामान्य वर्ष से 50 प्रतिशत अधिक है।

33 राज्यों में वन नेशन वन राशन कार्ड लागू

2020-21 के दौरान लगभग 2.84 लाख करोड़ रुपये की खाद्य सब्सिडी है। गुजरात में 3.3 करोड़ से अधिक पात्र लाभार्थियों को 25.5 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न मिला, जिसमें 5000 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी राशि खर्च हुई। प्रवासी लाभार्थियों के लिए खाद्य सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अब तक 33 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में वन नेशन वन राशन कार्ड लागू किया गया है।