कानपुर (इंटरनेट डेस्क)। भारत के दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर आज 24 अप्रैल को अपना 48 वां जन्मदिन मना रहे हैं। मास्टर ब्लास्टर के रूप में जाने जाने वाले तेंदुलकर इस समय मुंबई में हैं और अपना बर्थडे परिवार के सदस्यों के साथ मनाएंगे। सामान्य परिस्थितियों में, वह आईपीएल के मौजूदा सीजन के लिए मुंबई इंडियंस (MI) के साथ होते मगर वह कुछ दिनों पहले ही कोरोना वायरस से उबरे हैं और अपने परिवार के साथ समय बिता रहा है।

हर रिकाॅर्ड बुक में सचिन का नाम
सबसे महान बल्लेबाजों में से एक, सचिन तेंदुलकर ने अपने 24 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में कई रिकाॅर्ड बनाए। इसमें सबसे ज्यादा रन उनके ही नाम है। इतना ही नहीं, उन्होंने दो प्रारूपों में सबसे ज्यादा रन से लेकर 100 शतक बनाने वाले वह एकमात्र बल्लेबाज हैं। तेंदुलकर के जन्मदिन के अवसर पर, हम उनके कुछ रिकॉर्डों पर नज़र डालते हैं, जिन्हें शायद कभी नहीं तोड़ा जा सकता है।

सबसे ज्यादा टेस्ट मैच
क्रिकेट के इतिहास में सबसे कम उम्र के टेस्ट डेब्यू करने वालों में से एक, तेंदुलकर का 24 साल लंबा टेस्ट करियर था। जिसमें उन्होंने टीम इंडिया के लिए 200 टेस्ट मैच खेले। 175 से अधिक टेस्ट कैप वालों में से एकमात्र खिलाड़ी, तेंदुलकर दूसरे स्थान पर काबिज रिकी पोंटिंग से काफी आगे हैं। पोटिंग ने 168 टेस्ट मैच खेले हैं। सचिन के ज्यादा टेस्ट खेलने की वजह टी-20 क्रिकेट का न होना है। सचिन का टी-20 करियर ज्यादा लंबा नहीं था। तेंदुलकर उस समय के दौरान खेले जब केवल दो प्रारूप थे। इसकी वजह से उन्होंने 200 टेस्ट मैच पूरे किए।

सबसे ज्यादा टेस्ट रन
सचिन ने 200 टेस्ट मैच खेले हैं, इसलिए तेंदुलकर के नाम टेस्ट में सबसे ज्यादा रन भी दर्ज हैं। वह एकमात्र बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 15000 रन का आंकड़ा पार किया है। पोंटिंग उनसे पीछे 13378 रन के साथ हैं। टेस्ट कैप रिकॉर्ड की तरह, तेंदुलकर के सबसे ज्यादा टेस्ट रनों के रिकॉर्ड के भी अछूते रहने की संभावना है क्योंकि आज के समय में खिलाड़ी को पहले पोंटिंग को पार करना होगा तब जाकर सचिन के करीब पहुंच पाएगा। ऐसे में तेंदुलकर का 15921 टेस्ट रन का रिकॉर्ड अछूता रह सकता है।

सबसे ज्यादा वर्ल्डकप खेलने वाले
फिटनेस और उम्र यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं कि एक खिलाड़ी अपने करियर में कितने वर्ल्डकप खेलेंगे। लिस्ट ए वर्ल्ड कप के 12 सीजन हो चुके हैं लेकिन केवल दो खिलाड़ी हैं जिन्होंने इनमें से 6 वर्ल्डकप खेले। 6 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वाले पहले खिलाड़ी जावेद मियांदाद थे और तेंदुलकर ने 2011 में उनके रिकॉर्ड की बराबरी की। तेंदुलकर का 6 विश्व कप खेलने का संयुक्त रिकॉर्ड एक और मील का पत्थर है जो शायद कभी टूटे नहीं।

कम उम्र में टेस्ट डेब्यू
सचिन काफी टैलेंटेड बल्लेबाज रहे। यही वजह है कि सलेक्शन पैनल ने उन्हें अंडर -19 क्रिकेट खेलने के लिए नहीं कहा और रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी और ईरानी कप में अपने सपने की शुरुआत के बाद तेंदुलकर ने राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। तेंदुलकर ने 16 साल और 205 दिनों की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया और ऐसा करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बने रहे। यह रिकाॅर्ड आज भी सचिन के नाम है।

वर्ल्डकप में सबसे ज्यादा रन
तेंदुलकर ने सबसे अधिक विश्व कप खेले, इसलिए उनके पास टूर्नामेंट में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड भी है। लिस्ट ए वर्ल्ड कप में 2000 रन के आंकड़े को तोड़ने वाले एकमात्र बल्लेबाज, मास्टर ब्लास्टर ने 2278 रन के साथ अपने करियर का समापन किया। कोई अन्य बल्लेबाज 1800 का आंकड़ा पार करने में सफल नहीं रहा।