Happy Birthday Sachin Tendulkar: रैना से लेकर पांड्या तक, क्रिकेट जगत ने सचिन को यूं किया बर्थड विश
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कानपुर (इंटरनेट डेस्क)। पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का इंजरी से काफी गहरा रिश्ता रहा है। अपने दो दशक लंबे क्रिकेट करियर में सचिन को कई चोटे लगी। ये चोटों का सिलसिला उनके साथ बचपन से शुरु हो गया था। सचिन बचपन में काफी शरारती थे। अन्य बच्चों की तरह नई-नई शरारतें करना उनका पसंदीदा काम था। हालांकि शरारत को छोड़कर जब वह क्रिकेट पिच पर उतरे तो इंजरी से उनका सामना शुरुआत में ही हो गया था। एक बार तो क्रिकेट खेलते हुए सचिन के इतनी गंभीर चोट लगी कि पूरा चेहरा खून से लथपथ हो गया था। इस बात का जिक्र सचिन ने अपने ऑटोबायोग्राॅफी ‘प्लेइंग इट माॅय वे’ में किया है।

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पहली बार की विकेटकीपिंग
सचिन लिखते हैं कि, क्रिकेट का शौक उन्हें बचपन से था। ऐसे में जब भी मौका मिलता, बल्ला लेकर मैदान पर निकल पड़ते। रोजाना क्रिकेट पिच पर घंटो समय बिताना उनकी आदत सी बन गई थी। मगर एक बार कुछ ऐसा हुआ, जिसने सचिन को काफी डरा दिया। सचिन ने अपनी किताब में जिक्र करते हुए लिखा, ‘मुंबई का शिवाजी पार्क लोकल ब्वाॅयज के लिए उनका सबसे जाना-पहचाना मैदान था। जो भी लड़का क्रिकेटर बनने का सपना देखता, वह इस मैदान पर जरुर आता। मैं भी गया, उस वक्त मेरी उम्र 12 साल रही होगी। मैं एक मैच में अपनी टीम की कप्तानी कर रहा था। चलते मैच में हमारा विकेटकीपर चोटिल हो गया। मैंने अपनी टीम के खिलाड़ियों से पूछा, क्या कोई विकेटकीपिंग करेगा। कोई सामने नहीं आया, आखिर में मुझे ही ग्लव्स पहनने पड़े।’

आंख के पास लगी गंभीर चोट
सचिन आगे लिखते हैं, ‘मैंने उससे पहले कभी भी विकेटकीपिंग नहीं की थी। मैं उस पोजीशन में खड़े होकर काफी असहज महसूस कर रहा था। तभी अचानक गेंद आई जो सीधे मेरे चेहरे पर आकर लगी। यह तो अच्छा था कि गेंद आंख पर नहीं लगी। मगर आंख के ऊपर लगी चोट के घाव काफी गहरे थे। चोट लगने से पूरा चेहरा खून से लथपथ हो गया।’ तेंदुलकर ने आगे बताया, ‘तब मेरे पास टैक्सी से घर जाने के पैसे नहीं थे और बस में भीड़भाड़ में तब जाना काफी असहज लग रहा था क्योंकि मेरा चेहरा खून से सना था और शर्ट भी आधी लाल हो चुकी थी।’

हल्दी लगाकर भरा जख्म
घर आने के बाद सचिन को लगा कि उनके माता-पिता गुस्सा होंगे। मगर किस्मत अच्छी थी कि वे दोनों काम पर गए थे और घर पर सिर्फ दादी थी। दादी ने चोट को साफ करके उस पर हल्दी लगाई। आमतौर पर यह घरेलू नुक्शा काफी फायदेमंद होता है। सचिन की चोट पर भी यह काम कर गया और जल्द ही उनके घाव भर गए।