नई दिल्ली (एएनआई)। तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ नाराज किसान आज जंतर मंतर पर ‘किसान संसद’ आयोजित करने जा रहे हैं।भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत गुरुवार को सिंघू सीमा के लिए रवाना हो गए जहां बड़ी संख्या में किसान इकट्ठा होंगे। इसके बाद फिर जंतर मंतर पर ‘किसान संसद’ आयोजित करने के लिए दिल्ली की ओर बढ़ेंगे।

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, राकेश टिकैत ने कहा कि वे जंतर मंतर पर ‘किसान संसद’ करेंगे और संसद की कार्यवाही की निगरानी भी करेंगे। इस बीच संसद के मानसून सत्र के बीच जंतर-मंतर पर किसानों के विरोध को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है।

किसान संसद की ओर मार्च नहीं करेंगे, जो वर्तमान में सत्र में है

सिंघू बॉर्डर और टिकरी बॉर्डर पर भारी सुरक्षा तैनाती कर दी है। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को किसानों को प्रदर्शन करने की अनुमति दी, क्योंकि उन्होंने उनसे एक वचन लिया था कि किसान संसद की ओर मार्च नहीं करेंगे, जो वर्तमान में सत्र में है। किसानों को जंतर मंतर पर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के लिए सीमित संख्या में 200 व्यक्तियों और किसान मजदूर संघर्ष समिति (केएमएससी) के लिए छह व्यक्तियों के साथ रोजाना सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक विरोध करने की अनुमति दी गई है।

केंद्र और किसान नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी

किसान उपज व्‍यापार एवं वाणिज्‍य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020 , किसानों (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) का मूल्‍य आश्‍वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक, 2020 और आवश्‍यक वस्‍तु (संशोधन) विधेयक, 2020 का विरोध हो रहा है। इससे पहले जारी धरने के सात महीने पूरे होने पर 26 जून को किसानों ने एक और ‘ट्रैक्टर रैली’ निकाली और सभी राज्यों के राज्यपालों को ज्ञापन सौंपा था। किसानों इस दिन को कृषि बचाओ, लोकतंत्र बचाओ दिवस” ​​के रूप में मनाया था। दोनों पक्षों के बीच गतिरोध को तोड़ने के लिए अब तक केंद्र और किसान नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है।