कोलकाता (एएनआई)। पश्चिम बंगाल चुनावी रणक्षेत्र ‘खेला’ के अगले मुकाबले के लिए कमर कस रहा है। यहां पर गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए छठे चरण का मतदान होगा। छठे चरण के लिए 27 महिलाओं सहित कुल 306 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के लिए चार जिलों में 43 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा। इन 43 निर्वाचन क्षेत्रों में, नौ उत्तर दिनाजपुर में, आठ पुरबा बर्धमान में, नौ नादिया में और 17 उत्तर 24 परगना जिले में हैं। चुनाव के इस चरण में 50.65 लाख महिलाओं और थर्ड जेंडर के 256 सहित 1.03 करोड़ से अधिक मतदाता हैं। छठे चरण में 14,480 मतदान केंद्रों को नामित किया गया है।

भाजपा इन मुद्दों को लेकर साध रही निशाना

विकास और बेरोजगारी मुख्य मुद्दों पर हावी है। हालांकि उत्तर 24 परगना और पुरबा बर्धमान के जिलों में अन्य जिलों की तुलना में थोड़ा विकास हुआ है लेकिन, रोजगार के अवसरों की कमी सत्तारूढ़ सरकार को परेशान करती है। भाजपा राज्य में प्रचलित तोलाबाजी (जबरन वसूली), तुष्टीकरण, तानाशाही को लेकर लगातार टीएमसी पर निशाना साध रही है। साथ ही राज्य में सत्तारूढ़ टीएमसी सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर को भी महसूस किया जा सकता है।

टीएमसी और बीजेपी सभी 43 सीटों पर चुनाव लड़ रहे

टीएमसी और बीजेपी सभी 43 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस, वाम दलों और भारतीय धर्मनिरपेक्ष मोर्चा ने गठबंधन किया है और संयुक्ता मोर्चा के बैनर तले चुनाव लड़ रहे हैं। इस राउंड की 43 सीटों में से कांग्रेस को अपने हिस्से में 12, सीपीआई (M) को 23, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) को चार और CPI को दो सीटें मिली हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) भी अपनी किस्मत आजमा रही है और 37 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।इस चरण में सबसे हाई-प्रोफाइल उम्मीदवार भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय हैं जो नादिया जिले के कृष्णानगर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं।