नई दिल्ली (एएनआई)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने सोमवार को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित एंटी-कोविड दवा 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-डीजी) के पहले बैच को जारी किया। इस दवा को DRDO के इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलाइड साइंसेज (INMAS) ने डॉक्टर रेड्डीज लैबोरेटरीज के सहयोग से विकसित किया है। इस संबंध में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा मंत्रालय इस कोविड महामारी के दौरान बहुत प्रभावी और महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा है। सीमा पर भी हमारी तैयारियां यथावत हैं। इस दवा को तैयार करने में जिन वैज्ञानिकों की मुख्य भूमिका है, मैं उन्हें अपने हाथों से सम्मानित करना चाहूंगा। ये दवा आशा और उम्मीद की एक नई किरण लेकर आई है, ये दवा हमारे देश के वैज्ञानिकों की वैज्ञानिक क्षमता की एक मिसाल है।

स्वास्थ्य मंत्री बोले ये हमारी पहली स्वदेशी दवा

वहीं इस दाैरान माैजूद स्वास्थ्य मंत्री डाॅक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि मई के महीने में आज का दिन हम सबके लिए सबसे ज्यादा सुखद दिन है। हम एक साल से ज्यादा समय से कोविड की जंग लड़ रहे हैं। रक्षा क्षेत्र के आउटकम के तहत ये हमारी पहली स्वदेशी दवा है, ये कोविड वायरस के प्रकोप को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कम करने की पूरी क्षमता रखती है। डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉक्टर जी सतीश रेड्डी ने एंटी-कोविड दवा 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज पर कहा कि डीआरडीओ और डॉक्टर रेड्डी की प्रयोगशाला ने 30 अस्पतालों में और बड़ी संख्या में रोगियों पर पूरा परीक्षण किया है।

शरीर का इम्यून सिस्टम काम करेगा और मरीज जल्दी ठीक होगा

डॉक्टर जी सतीश रेड्डी के अनुसार अभी सप्ताह में 10,000 के आस पास कुल उत्पादन होगा। आज AIIMS, AFMS और DRDO अस्पतालों में दे रहे हैं। बाकी राज्यों को अगले चरण में देंगे। जून के पहले हफ्ते से सभी जगहों पर यह दवा आसानी से उपलब्ध होगी। यह दवा कोरोना वायरस से संक्रमित कोशिकाओं पर सीधा काम करेगी। शरीर का इम्यून सिस्टम काम करेगा और मरीज जल्दी ठीक होगा। इसे मरीज के वजन और डॉक्टर के प्रिसक्रिप्शन के आधार पर कम से कम 5-7 दिन सुबह-शाम 2 डोज लेनी है। यह दवा एक पाउच में पाउडर के रूप में उपलब्ध होगी।