नई दिल्ली (पीटीआई)। सीबीआई ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ मुंबई में रिश्वतखोरी के आरोपों के लिए मामला दर्ज किया है। सीबीआई शनिवर को मुंबई में विभिन्न स्थानों पर तलाशी व छापेमारी कर रही है। जांच एजेंसी ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह द्वारा अनिल देशमुख पर लगाए गए आरोपों के संबंध में बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों पर प्रारंभिक जांच की थी। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान, सीबीआई को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत देशमुख और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज करके औपचारिक जांच शुरू करने के लिए पर्याप्त सबूत मिले हैं। ऐसे में सीबीआई ने मामला दर्ज करने के बाद मुंबई में कई स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया।

देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की गई थी

25 मार्च को मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह ने आपराधिक जनहित याचिका दायर की, जिसमें महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की गई थी। उन्होंने दावा किया था कि अनिल देशमुख ने निलंबित सचिन वाजे सहित पुलिस कई अधिकारियों को बार और रेस्तरां से 100 करोड़ रुपये वसूलने के लिए कहा था। इस मामले में परम बीर ने शुरू में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और आरोप लगाया कि देशमुख की भ्रष्ट दुर्भावनाओं के बारे में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और अन्य वरिष्ठ नेताओं से शिकायत करने के बाद उन्हें मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से स्थानांतरित किया गया था।

उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को काफी गंभीर करार दिया था लेकिन उन्हें उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को कहा था। इसके बाद परम बीर सिंह ने अनिल देशमुख के खिलाफ अपने आरोपों को दोहराते हुए उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की और उनके खिलाफ सीबीआई द्वारा तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की, अनिल देशमुख एक एनसीपी नेता है। शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की महाराष्ट्र की सत्ता में साझेदारी है।