Aaj ka Panchang 30 September 2021: जानें गुरुवार के राहुकाल व दिशाशूल की स्थिति, आज के दिन क्या करें और क्या न करें
Aaj ka Panchang 30 September 2021: जानें गुरुवार के राहुकाल व दिशाशूल की स्थिति, आज के दिन क्या करें और क्या न करें

यह भी पढ़ें

डाॅ. त्रिलोकीनाथ (ज्योतिषाचार्य और वास्तुविद)। Dainik Panchang 28 September 2021: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व होता है। मंगलवार 28 सितंबर को सप्तमी तिथि 18:18:00 तक तदोपरान्त अष्टमी तिथि है। सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य और अष्टमी तिथि के स्वामी भगवान शिव जी है। मंगलवार के दिन बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।

Aaj ka Panchang 29 September 2021: जानें बुधवार के राहुकाल व दिशाशूल की स्थिति, आज के दिन क्या करें और क्या न करें
Aaj ka Panchang 29 September 2021: जानें बुधवार के राहुकाल व दिशाशूल की स्थिति, आज के दिन क्या करें और क्या न करें

यह भी पढ़ें

आज के दिन क्या करें और क्या न करें
आज के दिन उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से गुड़ खाकर जायें। इस तिथि में ताड़ का सेवन नहीं करना चाहिए तथा यह तिथि राज सम्बन्धी कार्यों के लिए, विवाह, अन्नप्राशन व गृह प्रवेश के लिए शुभ है। दिन का शुभ मुहूर्त, दिशाशूल की स्थिति, राहुकाल एवं गुलिक काल की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी आगे दी गई है।

28 सितम्बर 2021 दिन- मंगलवार का पंचाग
सूर्योदयः- प्रातः 06:03:00
सूर्यास्तः- सायं 05:57:00
विशेषः- मंगलवार के दिन बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।
विक्रम संवतः- 2078
शक संवतः- 1943
आयनः- दक्षिणायन
ऋतुः- शरद ऋतु
मासः- अश्विन माह
पक्षः- कृष्ण पक्ष
तिथिः- सप्तमी तिथि 18:18:00 तक तदोपरान्त अष्टमी तिथि
तिथि स्वामीः- सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य और अष्टमी तिथि के स्वामी भगवान शिव जी है।
नक्षत्रः- मृगशिरा नक्षत्र 06 बजकर 17 मिनट तक तदोपरान्त आर्द्रा नक्षत्र समस्त ।
नक्षत्र स्वामीः- मृगशिरा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं तथा आर्द्रा नक्षत्र के स्वामी राहु है।
योगः- व्यतिपात 17:49:28 तक तथा वरियन
गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 12:11:00 PMबजे से 01:41:00 PM बजे तक
दिशाशूलः- आज के दिन उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से गुड़ खाकर जायें।
राहुकालः- राहु काल 03:11:00 PM बजे से 04:41:00 PM तक
तिथि का महत्वः- इस तिथि में ताड़ का सेवन नहीं करना चाहिए तथा यह तिथि राज सम्बन्धी कार्यों के लिए, विवाह, अन्नप्राशन व गृह प्रवेश के लिए शुभ है।
“हे तिथि स्वामी, दिन स्वामी, योग स्वामी, नक्षत्र स्वामी, आप पंचांग का पाठन करने वालों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखना।”