Nag Panchami Aaj ka Panchang 13 August 2021: नाग पंचमी पर जानें राहुकाल व दिशाशूल की स्थिति, आज इस दिशा में यात्रा करना वर्जित
Nag Panchami Aaj ka Panchang 13 August 2021: नाग पंचमी पर जानें राहुकाल व दिशाशूल की स्थिति, आज इस दिशा में यात्रा करना वर्जित

यह भी पढ़ें

डाॅ. त्रिलोकीनाथ (ज्योतिषाचार्य और वास्तुविद)। Dainik Panchang 26 Jan 2021 मंगलवार को त्रयोदशी तिथि 25:11:45 तक तदोपरान्त चतुर्दशी तिथि है। त्रयोदशी तिथि के स्वामी कामदेव हैं तथा चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शिव जी हैं। मंगलवार के दिन बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है। आज के दिन उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से गुड़ खाकर जायें। इस तिथि में बैंगन नही खाना चाहिए यह तिथि चूड़ा क्रम, अन्नप्राशन, गृहप्रवेश आदि के लिए शुभ है। दिन का शुभ मुहूर्त, दिशाशूल की स्थिति, राहुकाल एवम् गुलिक काल की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी आगे दी गई है।

Aaj ka Panchang 12 August 2021: जानें गुरूवार के राहुकाल व दिशाशूल की स्थिति,  आज के दिन ये चीजें खाना हैं वर्जित
Aaj ka Panchang 12 August 2021: जानें गुरूवार के राहुकाल व दिशाशूल की स्थिति, आज के दिन ये चीजें खाना हैं वर्जित

यह भी पढ़ें

Happy Republic Day 2021 Wishes Images, Quotes: सभी को भेजें गणतंत्र दिवस की खूबसूरत शुभकामनाएं और तस्‍वीरें

26 जनवरी 2021 दिन-मंगलवार का पंचांग
सूर्योदयः- प्रातः 06:49:00
सूर्यास्तः– सायं 05:31:41
विशेषः- मंगलवार के दिन बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।
विक्रम संवतः- 2077
शक संवतः- 1942
आयनः- दक्षिणायन
ऋतुः- शीत ऋतु
मासः- पौष माह
पक्षः- शुक्ल पक्ष
तिथिः- त्रयोदशी तिथि 25:11:45 तक तदोपरान्त चतुर्दशी तिथि
तिथि स्वामीः- त्रयोदशी तिथि के स्वामी कामदेव हैं तथा चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शिव जी हैं।
*नक्षत्रः- आर्द्रा नक्षत्र 27:11:55 तक तदोपरान्त पुनर्वसु नक्षत्र
नक्षत्र स्वामीः- आर्द्रा नक्षत्र के स्वामी राहु देव हैं तथा पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी गुरु देव हैं।
योगः- वैधृति 20:54:48 तक तदोपरान्त विषकुंभ
गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 12:33:00 से 01:54:00 तक
दिशाशूलः- आज के दिन उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से गुड़ खाकर जायें।
राहुकालः- आज का राहु काल 03:14:00 से 04:34:00 तक
तिथि का महत्वः- इस तिथि में बैंगन नही खाना चाहिए यह तिथि चूड़ा क्रम, अन्नप्राशन, गृहप्रवेश आदि के लिए शुभ है।
“हे तिथि स्वामी, दिन स्वामी, योग स्वामी, नक्षत्र स्वामी आप पंचांग का पाठन करने वालों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखना।”