डाॅ. त्रिलोकीनाथ (ज्योतिषाचार्य और वास्तुविद)। Dainik Panchang 19 May 2021 बुधवार को अष्टमी तिथि प्रारम्भ 7:26 से अगले दिन 06:27:02 तक है। अष्टमी तिथि के स्वामी भगवान शिव जी हैं । बुधवार के दिन गणेश भगवान की पूजा करने का विशेष महत्व होता है । आज के दिन शरीर पर तेल लगाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। बुधवार को उत्तर दिशा में जाना अशुभ होता है यदि आवश्यक हो तो घर से धनियां या तेल खाकर निकलें। इस तिथि में नारियल नहीं खाना चाहिए तथा यह तिथि आभूषण, रत्न खरीदने और धारण करने के लिए शुभ है। दिन का शुभ मुहूर्त, दिशाशूल की स्थिति, राहुकाल एवम् गुलिक काल की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी आगे दी गई है।

19 मई 2021 दिन – बुधवार का पंचांग सप्तमी एवम अष्टमी तिथि

सूर्योदयः- प्रातः 05:21:55

सूर्यास्तः- सायं 06:39:46

विशेषः- बुधवार के दिन गणेश भगवान की पूजा करने का विशेष महत्व होता है। आज के दिन शरीर पर तेल लगाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

विक्रम संवतः- 2078

शक संवतः- 1943

आयनः- उत्तरायण

ऋतुः- ग्रीष्म ऋतु

मासः- वैशाख माह

पक्षः- शुक्ल पक्ष

तिथिः- अष्टमी तिथि प्रारम्भ 7:26 से अगले दिन06:27:02 तक

तिथि स्वामीः- अष्टमी तिथि के स्वामी भगवान शिव जी हैं ।

नक्षत्रः- श्लेषा 11:07:50 तक तदोपरान्त नक्षत्र मघा

नक्षत्र स्वामीः- श्लेषा के स्वामी बुध देव हैं तथा मघा नक्षत्र के स्वामी केतु देव हैं।

योगः- ध्रुव 11:07:00 तक तदोपरान्त व्याघात

गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 10:35:00 से 12:17:00 तक

दिशाशूलः- बुधवार को उत्तर दिशा में जाना अशुभ होता है यदि आवश्यक हो तो घर से धनियां या तेल खाकर निकलें ।

राहुकालः- आज का राहुकाल 12:17:00 से 02:00:00 तक

तिथि का महत्वः- इस तिथि में नारियल नहीं खाना चाहिए तथा यह तिथि आभूषण, रत्न खरीदने और धारण करने के लिए शुभ है।

“हे तिथि स्वामी, योग स्वामी, नक्षत्र स्वामी, दिन स्वामी आप पंचांग का पाठन करने वालों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखना।”