नई दिल्ली (राॅयटर्स)। सीरम इंस्टीट्यूट के चीफ एग्जीक्यूटिव अदार पूनावाला ने जनवरी में कहा था कि नोवावैक्स के जून में लांच होने की उम्मीद है। शनिवार को पूनावाला ने कहा कि भारत में नोवावैक्स के ट्रायल हो चुके हैं लेकिन कह नहीं सकते कि भारत में इस वैक्सीन के लांच होने में देरी क्यों हो रही है। दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक सीरम इंसटीट्यूट के पूनावाला ने ट्वीट किया है कि कोविड-19 के अफ्रीका तथा यूके वेरीयंट के खिलाफ यह वैक्सीन 89 प्रतिशत तक कारगर पाई गई है।

कच्चा माल प्रतिबंधित होने से असर, नोवावैक्स के लांच में देरी की आशंका

इस महीने के शुरू में पूनावाला ने कहा था, ‘सितंबर 2021 तक वैक्सीन लांच होने की उम्मीद है।’ पूनावाला का यह बयान अमेरिका द्वारा राॅ मैटेरियल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बाद आया था, जिसकी वजह से भारत में कोरोना वायरस वैक्सीन जैसे नोवावैक्स का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। दुनिया में सबसे बड़े वैक्सीन निर्मा देश भारत ने शुक्रवार को कहा था कि देश में कोविड-19 संक्रमण की बढ़ती संख्या को देखते हुए वह घरेलू वैक्सीनेशन को प्राथमिकता देगा। भारत ने इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को अवगत करा दिया था।

दुनिया में सबसे ज्यादा टीकाकरण अमेरिका में, तीसरे नंबर पर भारत

दक्षिण एशियाई देशों ने वैक्सीन निर्यात पर प्रतिबंध नहीं लगाए हैं। अभी तक इन राष्ट्रों द्वारा 6.05 करोड़ वैक्सीन की डोज निर्यात की जा चुकी है। अमेरिका तथा ब्राजील के बाद भारत तीसरा राष्ट्र है जिसने अपने सबसे ज्यादा नागरिकों का टीकाकरण किया है। भारत में अब तक 5.81 करोड़ लोगों को कोविड-19 वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। हालांकि 1.35 की आबादी के अनुपात के लिहाज से यह संख्या काफी कम है।