बर्मिंघम (आईएएनएस)। इंग्लैंड के बल्लेबाज जेम्स विंस को करीब एक हफ्ते पहले तक नहीं पता था कि वह अपने देश के लिए खेलेंगे या नहीं। लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। वह बड़े मंच पर आए और उनके शानदार शतक ने उनकी टीम को पाकिस्तान को तीन विकेट से हराकर तीन मैचों की एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय श्रृंखला में क्लीन स्वीप करने में मदद की। विंस ने 95 गेंदों में 102 रन बनाए और लुईस ने 69 गेंदों में 77 रन की पारी खेली, जिसमें पाकिस्तान के सात विकेट पर 331 के चुनौतीपूर्ण स्कोर का पीछा करते हुए, दो ओवर शेष रहते सात विकेट खोकर जीत हासिल कर ली।

बदला खेलने का तरीका
विंस ने मैच के बाद कहा, “पिछले हफ्ते मैंने [टीम में होने की] बिल्कुल भी उम्मीद नहीं की थी। ऐसा नहीं था कि मैंने [इंग्लैंड के लिए खेलने पर] हार मान ली थी। लेकिन मेरी मानसिकता में थोड़ा बदलाव आया था। मुझे एहसास था कि मैं टीम में नहीं होने वाला था।’ बता दें विंस को टीम में जगह किस्मत के चलते मिली। दरअसल पाकिस्तान के खिलाफ खेलने जा रही इंग्लिश टीम के कई सदस्य कोरोना पाॅजिटिव निकले थे जिसके बाद पूरी टीम ही बदल दी गई और बेन स्टोक्स की अगुआई में नई टीम का चयन किया गया।

पारी से बढ़ेगा आत्मविश्वास
विंस को टीम में खेलने का मौका मिला और उन्होंने अंतिम वनडे में शतक लगाकर अपनी उपयोगिता जाहिर की। 30 वर्षीय विंस ने अपने 44वें अंतरराष्ट्रीय मैच के बाद मंगलवार को ईएसपीएन क्रिकइंफो को बताया, “मुझे पता है कि मेरे करियर पर लोगों की राय है कि मैं शुरुआत करता हूं लेकिन आगे नहीं बढ़ता और बड़ा योगदान नहीं देता। और राय इस तरह है क्योंकि यह मामला रहा है।लेकिन उम्मीद है कि इससे मुझे और आत्मविश्वास मिलेगा और अन्य लोगों को भी। उम्मीद है कि ड्रेसिंग रूम में कुछ अन्य लोगों को पता चल जाएगा कि मैं ऐसा करने में सक्षम हूं।”

दोबारा कब मिलेगा मौका
विंस ने 2016 में घर पर सात टेस्ट खेले थे, लेकिन उनका औसत 20 से कम था। इसके अलावा, उन्होंने 2018 में आयरलैंड के खिलाफ 2020 एकदिवसीय श्रृंखला और 2019 विश्व कप में खेला मगर टीम के परमानेंट मेंबर नहीं बन पाए। वह कहते हैं, ‘मैं हमेशा हाशिये पर रहा हूं। इस सीरीज में आना और लगातार तीन मैच खेलना काफी अच्छा था। मुझे नहीं पता कि अगला मौका कब आएगा।’