नई दिल्ली (पीटीआई)। सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, जस्टिस रमण 26 अगस्त, 2022 तक भारत के मुख्य न्यायधीश के पद पर रहेंगे। नोटिफिकेश में कहा गया है, ‘राष्ट्रपति ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 124 की धारा (2) के तहत शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस नथमलपति वेंकट रमण को भारत का अगला मुख्य न्यायधीश नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल 24 अप्रैल, 2021 से प्रभावी होगा।’

सीजेआई बोबड़े ने की थी सिफारिश

सूत्रों ने बताया कि परंपरा के मुताबिक, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्र तथा कानून मंत्रालय के सचिव (जस्टिस) बरूण मित्र ने राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित नियुक्ति पत्र मंगलवार की सुबह जस्टिस रमण को दिया। जस्टिस बोबड़े ने हाल ही में जस्टिस रमण को परंपरा के मुताबिक सबसे वरिष्ठ न्यायधीश होने के नाते अपना उत्तराधिकारी बनाने की सिफारिश की थी। नियमों के मुताबिक, देश के मुख्य न्यायधीश अपने रिटायरमेंट के एक माह पहले लिखित सूचना भेजी जाती है।

1983 में बतौर वकील शुरू किया था करियर

जस्टिस रमण का जन्म 27 अगस्त, 1957 को आंध्र प्रदेश के कृष्ण जिले के पोन्नवरम गांव में हुआ था। एडवोकेट के तौर पर उनका पंजीकरण 10 फरवरी, 1983 को हुआ था। 27 जून, 2000 को वे आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में स्थाई जज के तौर पर नियुक्त हुए थे। 10 मार्च, 2013 से 20 मई, 2013 तक वे आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में कार्यकारी मुख्य न्यायधीश के तौर पर कार्यरत रहे थे। 2 सितंबर, 2013 को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया था। जस्टिस रमण 17 फरवरी, 2014 को सुप्रीम कोर्ट में प्रोन्नत हुए थे।