कानपुर (इंटरनेट डेस्क)। 5 मई 1889 को डरबन में जन्में हर्बी टेलर साउथ अफ्रीका क्रिकेट इतिहास के बेहतरीन क्रिकेटरों में गिने जाते हैं। उन्हें साउथ अफ्रीका का पहला वर्ल्ड क्लाॅस बैट्समैन भी कहा जाता है। आज उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर जानते हैं, इस महान क्रिकेटर्स से जुड़े शानदार किस्से। टेलर का करियर दो हिस्सों में बंटा है। पहला हिस्सा वर्ल्ड वाॅर से पहले और दूसरा वर्ल्ड वाॅर के बाद। पहला विश्व युद्घ शुरु होने से पहले हर्बी ने साउथ अफ्रीकी क्रिकेट टीम के लिए डेब्यू कर लिया था मगर जब युद्घ ने सब कुछ थाम दिया, तो उन्होंने आर्मी ज्वाॅइन कर ली और करीब डेढ़ साल तक सर्विस की।

फर्स्ट वर्ल्ड वाॅर में रहे एक्टिव
दाएं हाथ के बल्लेबाज हर्बी टेलर ने साल 1912 में साउथ अफ्रीकी क्रिकेट टीम की तरफ से पहला टेस्ट खेला। करियर के शुरुआती दिनों में ही टेलर ने अपनी परफाॅर्मेंस से वाहवाही लूट ली थी। अभी उनका करियर परवान चढ़ा ही था कि डेब्यू के दो साल बाद पहला विश्व युद्घ शुरु हो गया। फिर हर्बी ने बैट छोड़कर बंदूक हाथ में थाम ली और ब्रिटिश आर्मी की राॅयल फील्ड आर्टिलरी में अपनी सेवाएं देने लगे। यही नहीं उन्होंने राॅयल फ्लाइंग काॅर्प्स में भी सर्विस की। इस दौरान उन्हें सेना में उत्कृष्ट काम करने के चलते ‘मिलिट्री क्राॅस’ से भी सम्मानित किया गया।

क्रिकेट में दोबारा की वापसी
साल 1919/20 में हर्बी ने क्रिकेट में वापसी की। वापस आते हुए उन्होंने पहले अपनी घरेलू टीम नताल के लिए मैच खेला। यहां उन्होंने करी कप खेला जिसमें 53.14 की औसत से 372 रन बनाए। वर्ल्ड वाॅर के बाद हर्बी ने पहला इंटरनेशनल मैच साल 1921 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला। उस सीरीज में टेलर साउथ अफ्रीकी क्रिकेट टीम की कमान संभाल रहे थे। यह सीरीज टेलर के लिए अच्छी नहीं रही। तीन मैचों की सीरीज में वह सिर्फ 200 रन बना पाए। पहले दो टेस्ट ड्रा रहे मगर आखिरी टेस्ट 10 विकेट से जीतकर कंगारुओं ने सीरीज 1-0 से जीत ली।

ऐसा रहा है टेस्ट करियर
हर्बी टेलर ने अपने टेस्ट करियर में कुल 7 सेंचुरी लगाई। ये सभी शतक इंग्लैंड के खिलाफ आए और इसमें एक शतक इंग्लैंड में आया। जब 1929 में ओवल में उन्होंने 121 रन की पारी खेली थी। 42 टेस्ट मैचों में टेलर ने 40.77 की औसत से 2936 रन बनाए। वह 2500 टेस्ट रन बनाने वाले पहले साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज भी बने। इस दौरान उनके बल्ले से सात शतक और 17 अर्धशतक आए।