नई दिल्ली (पीटीआई)। हालांकि पिछले वर्ष मार्च में महंगाई निचले स्तर पर थी। जब आंकड़ों की गणना हुई थी तब देश भर में लाॅकडाउन चल रहा था। यही वजह है कि मार्च 2021 में महंगाई दर में इतनी तेजी आई है। फरवरी में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई दर 4.17 प्रतिशत पर थी। वहीं यह महंगाई दर मार्च 2020 में 0.42 प्रतिशत पर थी। यह लगातार तीसरा महीना है जब डब्ल्यूपीआई पर आधारित महंगाई दर बढ़त पर है।
अक्टूबर 2012 के बाद इस बार इतनी बढ़ी महंगाई
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा, ‘मार्च 2020 की तुलना में मार्च 2021 में महंगाई दर की वार्षिक दर 7.39 प्रतिशत पर है।’ इससे पहले इतनी महंगाई दर अक्टूबर 2012 में दर्ज की गई थी जब यह 7.4 प्रतिशत पर थी। दाल, फल तथा धान के भाव बढ़ने से मार्च में खाने-पीने की महंगाई 3.24 प्रतिशत पहुंच गई थी। सब्जियों की महंगाई दर (-) 5.19 प्रतिशत थी जो पिछले महीने (-) 2.90 प्रतिशत पर थी। दालों की महंगाई मार्च में 13.14 प्रतिशत पर तथा फलों की 16.33 प्रतिशत पर थी।