नई दिल्ली (पीटीआई)। पीएम मोदी ने कहा कि लोग अब पहले से ज्यादा लापरवाह हो गए हैं। कुछ राज्यों में प्रशासन ने भी हालात को अनदेखा किया है। वर्तमान में हमारे पास कोविड-19 से लड़ने के लिए संसाधन है। हमारा ध्यान माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने पर होना चाहिए। हमारे पर अब न सिर्फ संसाधन है बल्कि अनुभव भी है।

पीएम ने कहा टेस्ट, ट्रैक तथा ट्रीट पर रहे जोर

पीएम ने कहा कि हमें पता है कि टेस्ट, ट्रैक तथा ट्रीट से कोविड-19 महामारी पर नियंत्रण पाया जा सकता है। पीक टाइम में हमने इसी का उपयोग करके महामारी को काबू किया था। पीएम ने कहा कि मनुष्य हमेशा वायरस से संक्रमण फैलाने का साधन रहा है। ऐसे में हमें बड़े पैमाने पर टेस्टिंग की जरूरत है। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से संक्रमण के पाॅजिटिव होने की दर को 5 प्रतिशत से नीचे लाने पर हरसंभव प्रयास के लिए कहा। हमारा लक्ष्य 72 घंटों में हम 30 लोगों को ट्रेस करने की होनी चाहिए।

11-14 अप्रैल के दौरान मनाएं वैक्सीन फेस्टिवल

टीकारण का हमारा क्राइटेरिया उन देशों से अलग नहीं है जो साधन संपन्न हैं। हमें प्राथमिकता तय करनी ही होगी। टीकाकरण को अभियान के रूप में बदलने के लिए पीएम मोदी ने 11-14 अप्रैल के दौरान वैक्सीन फेस्टिवल मनाने को कहा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका लगाया जा सके। इसका उद्देश्य टीके की बर्बादी को रोकना तथा वैक्सीन के प्रति लोगों को जागरूक करना है।