नई दिल्ली (पीटीआई)। जस्टिस एनवी रमण यानी कि नथालपति वेंकट रमण ने शनिवार को भारत के 48 वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। जस्टिस एनवी रमण ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में शपथ ली। उन्हें यह यह शपथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिलाई। इस समारोह में उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद शामिल उपस्थित रहे। जस्टिस रमण ने अंग्रेजी में शपथ ली। जस्टिस रमण अब 26 अगस्त, 2022 तक भारत के मुख्य न्यायधीश के पद पर आसीन रहेंगे।

एसए बोबड़े संभाल आज हुए रिटायर

इससे पहले इस पद की जिम्मेदारी शरद अरविंद बोबडे यानी एसए बोबड़े संभाल रहे थे। वह आज रिटायर हो गए हैं। जस्टिस बोबडे का भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यकाल 17 महीने का रहा। उन्होंने 18 नवंबर 2019 को इस पद की शपथ ग्रहण की थी। नागपुर विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ आर्ट्स और एलएलबी की डिग्री पूरी करने वाले बोबड़े ने मुख्य न्यायाधीश के कार्यकाल में अहम मुद्दों पर बड़े फैसले सुनाए हैं।

1983 को एडवोकेट के रूप में एनरोल हुए

वहीं एनवी रमण 27 अगस्त, 1957 को आंध्र प्रदेश के कृष्ण जिले के पोन्नवरम गांव में पैदा हुए थे। 10 फरवरी, 1983 को वह एडवोकेट के रूप में एनरोल हुए और 27 जून, 2000 को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में स्थाई जज नियुक्त हुए। 10 मार्च, 2013 से 20 मई, 2013 तक वे आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में कार्यकारी मुख्य न्यायधीश रहे थे। 2 सितंबर, 2013 को वह दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने और 17 फरवरी, 2014 को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त हुए थे।