नवरात्रि में माता दुर्गा की विशेष पूजा अर्चना में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना आवश्यक माना गया है। दुर्गा सप्तशती के 13 अध्यायों के पाठ का अपना एक विशेष महत्व होता है। हर पाठ व्यक्ति के मनोकामनाओं को पूरा करने में मददगार हो सकते हैं।

ज्योतिषाचार्य पं. राजीव शर्मा आज बता रहे हैं कि नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती के अध्यायों के पाठ का क्या लाभ होता है और अपनी किस मनोकामना की पूर्ति के लिए दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय कर पाठ करचा चाहिए।

1. प्रथम अध्याय:- प्रत्येक प्रकार की चिंता मिटाने के लिए।

2. द्वितीय अध्याय:– मुकदमा आदि में शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए।

3. तृतीय अध्याय:- शत्रुओं से छुटकारा पाने के लिए।

4. चतुर्थ अध्याय:- भक्ति प्राप्त करने के लिए।

5. पंचम अध्याय:- भक्ति एवं शक्ति प्राप्त करने के लिए।

6. षष्ठम अध्याय:- भय और बाधा निवारण के लिए।

7. सप्तम:- प्रत्येक मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए।

8. अष्टम अध्याय:- वशीकरण के लिए।

9. नवम/दशम अध्याय:- प्रत्येक कामना एवं पुत्र प्राप्ति आदि के लिए।

10. एकादश अध्याय:- व्यापार एवं सुख सम्पत्ति प्राप्त करने लिए।

11. द्वादश अध्याय:- यश, मान-सम्मान प्राप्ति के लिए।

12. त्रोदश अध्याय:- प्रगाढ़ भक्ति प्राप्ति के लिए।

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