नई दिल्ली (एएनआई)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बातचीत की और कोविड ​​-19 स्थिति और राज्य सरकार के कोरोना वायरस संक्रमण को नियंत्रित करने के प्रयासों के बारे में जानकारी ली। इस दाैरान मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना वायरस संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। कोविड​-19 की रोकथाम के लिए आईसीयू बेड की उपलब्धता के साथ-साथ ऑक्सीजन की निरंतर आपूर्ति और बड़े स्तर पर टेस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट के लिए एक रणनीति पर काम किया जा रहा है।

104 प्राइवेट लैब और 125 पब्लिक सेक्टर की लैब कर रही जांच

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान में 104 प्राइवेट लैब और 125 पब्लिक सेक्टर की लैब कोविड-19 टेस्टिंग कर रही हैं। दो दिन पहले 18 अप्रैल को निजी प्रयोगशालाओं ने लगभग 19,000 आरटी-पीसीआर परीक्षण किए। इसके अलावा सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिले में प्राइवेट लैब की RTPCR परीक्षण क्षमता बढ़ाने की कोशिश करें और इस क्षमता का पूरा उपयोग करें।

प्राइवेट लैब कोविड-19 टेस्टिंग नहीं कर रही यह महज अफवाह

सीएम ने कहा कहा कि जिला प्रशासन सरकारी संस्थानों द्वारा एकत्र किए गए नमूनों को 500 रुपये प्रति नमूने की दर से RTPCR परीक्षण के लिए निजी प्रयोगशालाओं में भेजते हैं। कुछ स्वार्थी तत्व यह अफवाह फैलाने की कोशिश कर रहे हैं कि प्राइवेट लैब कोविड-19 टेस्टिंग नहीं कर रही हैं जबकि प्राइवेट लैब में अब तक लगभग 17 लाख कोविड-19 परीक्षण किए जा चुके हैं, जिनमें 8 लाख 84 लाख से अधिक RTPCR शामिल हैं।