नई दिल्ली (एएनआई)। तीनों नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की विभिन्न सीमाओं टीकरी, सिंघु और गाजीपुर बॉर्डर पर बड़ी संख्या में किसानों का प्रदर्शन जारी है। ऐसे में गुरुवार को कृषि कानूनों के विरोध में कुछ किसान संसद भवन के करीब पहुंच नारेबाजी करने लगे। किसानों के हाथ में किसान संगठनों के झंडे थे। इस दाैरान वहां माैजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने कहा कि संसद के पास प्रदर्शन कर रहे और नारेबाजी कर रहे पांच किसानों को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए किसानों को संसद मार्ग पुलिस थाने ले जाया गया। पुलिस ने आगे बताया कि पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

बातचीत होनी चाहिए और समाधान होना चाहिए

वहीं भारतीय किसान यूनियन (भकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि किसान आंदोलन जारी रहेगा। सरकार को किसानों की मांग को मानना ही होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार ने भारत सरकार को कहा है कि बातचीत होनी चाहिए और समाधान होना चाहिए। कुछ किसान पीछे हटें, कुछ सरकार पीछे हटे और बातचीत से इसका समाधान निकले। सरकार को बात माननी चाहिए। बता दें कि शरद पवार ने एक बार फिर कहा कि ये लोग पिछले 6 महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं। वह पहले भी कृषि कानूनों पर केंद्र से पुनर्विचार की मांग कर चुके है।

दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर हो रहा प्रदर्शन

गाैरतलब है कि कृषि कानूनों के खिलाफ 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान उपज व्‍यापार एवं वाणिज्‍य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020 , किसानों (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) का मूल्‍य आश्‍वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक, 2020 और आवश्‍यक वस्‍तु (संशोधन) विधेयक, 2020 का विरोध हो रहा है। इससे पहले जारी धरना के सात महीने पूरे होने पर 26 जून को किसानों ने एक और ‘ट्रैक्टर रैली’ निकाली और सभी राज्यों के राज्यपालों को ज्ञापन सौंपा। किसानों इस दिन को “कृषि बचाओ, लोकतंत्र बचाओ दिवस” ​​के रूप में मनाया।