नई दिल्ली (पीटीआई)। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने केंद्र सरकार से कहा, ‘यह गलत है। यह पूरी तरह गैर बुद्धिमत्तापूर्ण है। जो लोग ऑक्सीजन सपोर्ट पर नहीं होंगे उन्हें रेमडेसिविर नहीं मिलेगी। इससे तो यही लगता है कि आप चाहते हैं कि लोग मरें।’ हाईकोर्ट ने कहा कि इससे तो ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार दवा की कमी को कम करने के लिए प्रोटोकाॅल में बदलाव कर रही है।
कोर्ट के आदेश पर मिली मरीज को दवा की खुराक
कोर्ट ने कहा, ‘यह पूरी तरह से कुप्रबंधन है।’ कोर्ट कोविड-19 से पीड़ित एक वकील की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसे रेमडेसिविर की सिर्फ तीन डोज मिली थी। याचिकाकर्ता वकील को इस दवा की छह डोज की जरूरत थी। बाद में कोर्ट के हस्तक्षेप से वकील को दवा की बाकी बची डोज मिल सकी थी। दवा की शेष डोज वकील को मंगलवार 27 अप्रैल की रात को मिल सकी थी।